BRICS Summit 2026 — मेरी नज़र से
नमस्कार दोस्तों,
आज मैं किसी न्यूज़ एंकर की तरह आपको खबर नहीं बताने वाला।
आज बस अपनी सोच आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ।
भारत में BRICS का इतना बड़ा सम्मेलन हुआ है। दुनिया के कई बड़े देशों के नेता भारत आए, एक-दूसरे से मिले और आने वाले समय को लेकर कई मुद्दों पर बातचीत हुई।
लेकिन मेरे दिमाग में एक सवाल है—
क्या BRICS आने वाले समय में दुनिया की दिशा बदल सकता है?
आज दुनिया पहले जैसी नहीं रही।
एक तरफ अमेरिका और यूरोप का प्रभाव है, तो दूसरी तरफ भारत, चीन, रूस, ब्राज़ील और दूसरे देशों का एक ऐसा समूह है जो दुनिया की अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अपनी भूमिका बढ़ाना चाहता है।
BRICS में अब 11 देश हैं।
इतनी बड़ी आबादी, इतनी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और इतने अलग-अलग देश अगर किसी एक मंच पर बैठकर साथ काम करने की कोशिश करते हैं, तो इसका असर सिर्फ इन देशों तक सीमित नहीं रहेगा।
लेकिन यहाँ एक दूसरी सच्चाई भी है।
इन देशों के बीच हर मुद्दे पर सहमति नहीं है।
भारत और चीन के बीच अपने विवाद हैं। रूस के पश्चिमी देशों के साथ अलग तरह के तनाव हैं। हर देश की अपनी विदेश नीति और अपने हित हैं।
इसलिए मेरे हिसाब से असली चुनौती यही है—
क्या ये देश अपने मतभेदों के बावजूद एक साथ काम कर पाएंगे?
और अगर ये ऐसा कर पाए, तो BRICS की ताकत आने वाले वर्षों में काफी बढ़ सकती है।
भारत के लिए भी यह एक बड़ा मौका है।
भारत आज सिर्फ दुनिया से व्यापार करने वाला देश नहीं बनना चाहता, बल्कि वैश्विक फैसलों में अपनी भूमिका भी मजबूत करना चाहता है।
लेकिन दोस्तों, हमें सिर्फ बड़ी-बड़ी meetings और बड़े नेताओं की तस्वीरों से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
असली सवाल यह है कि इन बैठकों के बाद जमीन पर क्या बदलता है।
क्या भारत में investment बढ़ेगा?
क्या युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके बनेंगे?
क्या व्यापार आसान होगा?
क्या नई technology और AI के क्षेत्र में cooperation बढ़ेगा?
और क्या developing countries की आवाज दुनिया के बड़े फैसलों में ज्यादा सुनाई देगी?
इन सवालों का जवाब आने वाले समय में मिलेगा।
मेरे लिए BRICS की सबसे interesting बात यही है कि आज दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के देश एक-दूसरे के साथ बैठकर अपने भविष्य को लेकर बातचीत कर रहे हैं।
दुनिया बदल रही है।
और भारत भी इस बदलाव के बीच अपनी एक नई जगह बनाने की कोशिश कर रहा है।
अब देखना यह है कि BRICS सिर्फ बैठकों और घोषणाओं तक सीमित रहता है या आने वाले समय में इसका असर आम लोगों की जिंदगी में भी दिखाई देता है।
क्योंकि किसी भी सम्मेलन की असली सफलता मंच पर दिए गए भाषणों से नहीं, बल्कि उसके बाद होने वाले काम से पता चलती है।
आपको क्या लगता है?
क्या आने वाले समय में BRICS दुनिया की अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में और बड़ी भूमिका निभा सकता है?
अपनी राय नीचे comment में जरूर बताइए।
मैं हूँ Amart, और आप पढ़ रहे हैं amart79.com।
मिलते हैं अगली बात के साथ। 🙏